பெண் தோழியை பரிமாறினேன்

நண்பனுக்கு என் பெண் தோழியை அனுப்பி வைத்து இருவரும் மேட்டர் செய்வதைப் பார்த்துக் கையடித்தேன். அவளின் புண்டையில் விந்து வடிய மேட்டர் அடித்து நொறுக்கினான்.

Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 74

क्या खूब सुहाना सफर रहा क्या सुबह हुई क्या शाम ढली। धीरे धीरे किसी की औरत मैंने कैसे अपनी करली। जो फिरती थी मानिनी बन कर उसको मैंने पकड़ा कैसे? जाँ का भी दाँव लगा कर के बाँहों में उसे जकड़ा कैसे?

Aakhiri Dagar, Purane Humsafar – Episode 18

मैंने राहुल से विदा ली और घोड़े के जैसे लंड वाला मेरा दूसरा हमसफ़र मुझे अपनाने को मेरा इंतजार कर रहा था, जिससे मुझे मेरी खोयी हुयी खुशियाँ फिर से मिल गयी।

Aakhiri Dagar, Purane Humsafar – Episode 16

शादी से पहले माँ बनने के लिए मैं दिन रात राहुल से चुदवाने लगी पर जो चाहा वो हुआ नहीं। फिर अपने प्यार को पाने एक खेल शुरू हुआ।

Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 73

अच्छी अच्छी मानिनीयाँ भी चुदवाने को बेताब हुई? पहले तो पति से ही चुदती थी, गैरों पर क्यों मोहताज हुई?” दवा जो वफ़ा का करते थे जो ढोल वफ़ा का पीटते थे। क्यों वह झुक कर डॉगी बन लण्ड लेने को सरताज हुई?