Barish me bhabhi sang masti
Bhabhi chhat se jaldi jaldi kapde utaar rahi thi to apni panty utarna bhul gayi, padhie kaise maine panty dene ke bahane unki chut li.
Jab kabhi ghar ki padosan sexy mil jati hai, to uske sath aankh ladane ka maja hi aur hai. Padhiye padosan bhabhi aur aunty ki chudai kahaniya.
Bhabhi chhat se jaldi jaldi kapde utaar rahi thi to apni panty utarna bhul gayi, padhie kaise maine panty dene ke bahane unki chut li.
Jaha mai apne kamre me soo raha tha wahi dusri aur chachi ke kamre me chachi padosi Dubey ji ke sath nangi so rahi thi.
Padhiye kaise meri padosi uncle, Dubey ji ne meri sundar chachi ko pataya aur mere ghar me hote hue bhi unke maje liye.
वहाँ सेठी साहब अगर टीना और अंजू की चुदाई कर रहे थे तो उनके ही घरमें उनकी बीबी उनके ही दोस्त से चुद रही थी। उतना ही नहीं वह दो दो मर्दों से चुदवाना चाह रही थी।
वहाँ सेठी साहब अगर टीना और अंजू की चुदाई कर रहे थे तो उनके ही घरमें उनकी बीबी उनके ही दोस्त से चुद रही थी। उतना ही नहीं वह दो दो मर्दों से चुदवाना चाह रही थी।
चुदाई और प्यार में काफी फरक होता है, अगर पत्नी किसी और मर्द के निचे सोती है इसका मतलब यह नहीं की वह अपने पति के प्यार नहीं करती, ऐसे ही कुछ रिश्तो के बारे में पढ़े।
वहाँ सेठी साहब अगर टीना और अंजू की चुदाई कर रहे थे तो उनके ही घरमें उनकी बीबी उनके ही दोस्त से चुद रही थी। उतना ही नहीं वह दो दो मर्दों से चुदवाना चाह रही थी।
वहाँ सेठी साहब अगर टीना और अंजू की चुदाई कर रहे थे तो उनके ही घरमें उनकी बीबी उनके ही दोस्त से चुद रही थी। उतना ही नहीं वह दो दो मर्दों से चुदवाना चाह रही थी।
पढ़िए कैसे रात को मैं भाभी के साथ सोया और उनके जिस्म के मजे लेने लगा, लेकिन वो जाग गयी, तब कैसे मैंने उन्हें मनाया उनके दूध पिने के लिए।
मेरे पड़ोस में रहने वाले भैया की अभी नयी शादी हुई थी, पढ़िए कैसे मुझे मौका मिला भाभी के करीब जाने का जब उनकी सास ने उन्हें मुझे अपने साथ सुलाने के लिए कहा।
मुझे नहीं पता था की मेरा साला सुषमा जी और सेठी साब को पहले से जानता है इसलिए मुझे अच्छा नहीं लगा जब अचानक मेरा साला घर आया।
सुषमा की बातो का असर मुझ पर काफी हो रहा था क्युकी वो जो बाते बता रही थी वैसा मैंने कभी नहीं सोचा था और नए मोड़ आये पढ़िए कहानी में।
उस तरफ जब टीना और भाभी की सेठी साहब तगड़ी चुदाई कर रहे थे तो इधर सुषमा की चुदाई मैं कर रहा था। पर इस बिच यह मोड़ और घुमाव कैसा?
कुछ रिश्ते ऐसे मजबूत बन जाते है की आप उनके लिए किसी भी हद तक जा सकते हो, ऐसे ही रिश्ते अब बन चुके थे कुछ लोगो के जिनके बारे में पढ़िए।
सेठी साहब और सुषमा की कहानी में कैसे और किरदार भी जुड़ गए और सारा ही मामला कैसे अधिकाधिक रोमांचक बनता गया।
मेरी भाभी को मेरे और सेठी साहब के बारे में पता चल गया था और सेठी साहब तो रात भर मेरी चुदाई करने ही वाले थे, अब मुझे डर भी लग रहा था की क्या करू।
अंजू ने फ़ोन उठाते ही हँसी मजाक के लहजे में पूछा, “जीजू सा, प्रणाम! ननद सा से बात किये बगैर चैन नहीं पड़ता क्या आपको? ननदसा अभी बाथरूम में है।
राज और सुषमा की चुदाई जोरशोर से चल रही थी और अब सुषमा को भी पता चल गया की राज को इसकी गांड मारनी है, लेकिन क्या वो अपनी गांड मरवा लेगी पढ़िए कहानी में।
Kaise phone par baat karne ke baad ek din moka dekh kar chachi ki chut me lund daal kar chachi ko paramsukh diya, padhiye iss sexy kahani me.
पढ़िए कैसे अब सुषमाजी अब राज के सामने नंगी हो के उससे चुदाई की भीक मांगने लगी और राज को उसके बचे की माँ बनने की प्राथना करने लगी।