पिछला भाग पढ़े:- मामी और उनकी बेटी की चूत मारी-3
रिश्तों में चुदाई की कहानी अब आगे-
लगता है आज मेरी किस्मत बहुत अच्छी थी। पहले मामी, फिर उसकी लड़की माला और अब फिर मामी की सील पैक गांड जिसको अब तक लंड नसीब नहीं हुआ था। वैसे भी दोनों की चूत तो पहले से ही चुदी हुई थी, पर आज तो सील पैक गांड भी मिल रही थी। मैं थक गया था, क्योंकि 3 बार मेरा माल निकल चुका था। पर लालच बुरी बला है। अगर आज मना कर दिया तो शायद गांड नसीब ना हो।
ममी अब वॉशरूम से बाहर निकली और किचन की लाइट ऑन करी। थोड़ी देर बाद वो किचन से आई तो अपने मोबाइल का फ़्लैश ऑन करी। मैंने जो देखा तो मैं पागल हो गया। मामी ने नाइटी पहन राखी थी और वो किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी। उनके हाथ में एक गिलास था जो उन्होंने मुझे दिया।
मैंने पूछा: ये क्या है?
तो वो बोली: तेरे लिए बादाम वाला दूध लाई हूं। आज तूने बहुत मेहनत की है, और अभी भी करेगा ना।
तभी मैंने दूध पिया और उन्हें कहा: आप भी लो।
तो उन्हें मना कर दिया। फिर दूध पीने के बाद मैंने देखा उनके हाथ में वैसलीन की डब्बी थी।
मैंने पूछा: ये किसलिए?
तो मामी बोली: बुद्धू सील पैक गांड है मेरी, तो इसकी जरूरत पड़ेगी।
मैं: आपने नाइटी क्यूं पहनी?
मामी: क्यों अच्छी नहीं लग रही मैं तुझे नाइटी में?
मैं: अरे आप तो अप्सरा लग रही हो।
मामी: फिर?
मैं: मुझे समझ नहीं आया इस टाइम क्यूं चेंज की।
मामी: तू गांड मारेगा ना, तो इसलिए चेंज कर ली। ताकि ऊपर आसनी से उठ सके। क्योंकि पूरी नंगी नहीं हो सकती ना, सब है अभी।
इतने कहते ही मामी मेरी गोद में आकर बैठ गई और अपनी बाहें मेरे गले में डाल कर मुझे हल्के से लिप किस्स करी और बोली: आई लव यू जान।
मैंने मामी के बाल खोल दिए और उनकी पीठ पर पहले फेरते हुए अपने होठों को उनके होठों के पास ले गया। फिर मैंने आई लव यू संजना रानी कहा और किस्स करी। अब हम एक-दूसरे को किस्स करने लगे और एक दूसरे के बदन पर एक हाथ घुमाने लगे। मैंने मामी को लिटाया और उनके माथे, उनकी आंखें, उनके गाल, उनकी नाक, उनकी गर्दन, उनकी ठुड्डी, उनके कान, उनके कंधे को चूमा मुआह मुआह मुआह।
मामी मेरे कमर पर हाथ फेरने लगी, और मेरी टी-शर्ट के अंदर हाथ डाल कर मेरी नंगी पीठ को छूने लगी। कभी-कभी मेरी गांड भी दबाती। मैंने मामी को उल्टा किया और लिटा दिया उनको। अब मैंने उनके बालों को साइड किया और उनके ऊपर लेट गया और उनकी गर्दन पर किस्स करते हुए उनके कानों को चूसने लगा। मेरा लंड उनकी गांड में दब रहा था। मैं अपनी टांगों से उनकी नाइटी को ऊपर उठाने लगा और अपनी टांगों को उनकी टांगों से रगड़ने लगा।
मैं अब उठा और उनकी टांगों को चूमते हुए उनकी गांड उनकी नाइटी के ऊपर से दबाने लगा। क्या मस्त गांड है मेरी मामी की, ऐसा लग रहा था मानो किसी कुशन को दबा रहा हूं। मैंने उनके पैर के अंगूठे को चूमा और अपनी जीभ उनके पैरों पर घुमाते हुए उनके पैरों से होते हुए उनकी जांघों तक उनकी नाइटी को ऊपर किया और जांघों को चटने लगा।
अब मैंने उनकी नाइटी ऊपर कर दी कमर तक और उनकी नंगी गांड मेरे सामने थी। मैंने उनकी गांड पर एक थप्पड़ मारा और फिर उनकी गांड को चूमने लगा। अब मैंने उनकी गांड फैलानी शुरू करी और अपनी उंगली उनकी गांड के दरवाजे में फेरनी शुरू की जो बिल्कुल साफ थी। मैंने अपनी एक उंगली गांड के छेद में डालने की कोशिश की तो उनकी चीख निकल गई।
मामी: आआह बहनचोद आराम से कर, तू मेरी गांड ही फाड़ देगा मादरचोद।
मैं उनकी गांड पर जोर से थप्पड़ मारा और बोला: चुप कर बहना की लोड़ी संजना, तेरी माँ की चूत। तेरी लड़की तो एक-दम से गांड देने को तैयार है और तुझे दर्द हो रहा है भोसड़ी की।
मामी: मादरचोद, मैं उसकी मां हूं। पहले मैं गांड मरवाऊंगी तभी तू उसकी मारेगा। आराम से कर, मैंने कब मना किया।
मैंने उनकी गांड के छेद को चौड़ा किया और थूका ताकि वो गीली हो जाए और फिर अपनी उंगली उसकी गांड में डालनी शुरू करी। वो आह आह करने लगी।
मैं: ला साली वैसलीन दे मुझे।
मामी ने मुझे वैसलीन दी और मैंने अपनी उंगली पे लगाई और उनके गांड के छेद पर वैसलीन लगाई।
अब मैंने मामी को बोला: मेरा लंड चूस के खड़ा कर। तू और तेरी बेटी पहले ही इसका सारा रस निकाल चुकी है।
मामी एक-दम से उठी और मेरे लंड को मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसना शुरू कर दिया। लंड अब धीरे-धीरे टाइट हो गया और मामी एक हाथ से मेरे बॉल्स भी दबाने लगी। बस कुछ ही देर में लंड पूरा तैयार हो गया।
मामी ने लंड मुँह से निकाला और बोली: लो जानेमन, कर दिया तैयार।
मैं: चल अब घोड़ी बन जा।
मामी: अच्छा जी, आज घोड़ी पर चढ़ना है आपको।
और इतना कहते ही मामी घोड़ी बन गई और अपनी नाइटी को एक हाथ से ऊपर करके मेरी तरफ नंगी गांड पेश करी और बोली: हुज़ूर आपकी घोड़ी तैयार है, आ जाओ चोद दो अपनी घोड़ी मामी को।
मैं मामी के पीछे आया, उनकी गांड खोली, और वह भी अपने हाथ लेकर अपनी गांड फैला दी। मैंने अब लंड उनकी गांड पे लगाया और अंदर डालने लगा। अभी थोड़ा सा ही अंदर गया था कि मामी ने आह आह करना शुरू कर दिया।
मामी: रुक जाओ, मेरी गांड फट गई।
मैं: फटी नहीं साली, तेरी सील पैक की सील टूटी है।
और इतना कह कर मैंने लंड बाहर निकाला तो मामी ने राहत की सांस ली। तब तक मैंने दूसरा हमला किया और मामी की गांड में एक-दम से लंड डाल दिया। वो तकिये पर गिर गई और मैंने उनकी गांड को कस के पकड़ लिया और गांड चुदाई शुरू की कर दी। मामी बस उम्म्म उम्म्म उम्म्म करते हुए झटपटा रही थी और मैं बिना रहम के उनकी गांड चोद रहा था।
मैं: आह संजना बहन की लोड़ी, क्या मस्त गांड है तेरी। अब तक कहां छुपा के रखी थी ये मेरी जान? मुआह मुआह आई लव यू संजना, आई लव योर गांड संजना।
मामी भी अब संभल चुकी थी और अपनी गांड खुद से आगे-पीछे करने लगी।
मामी: आह आह चोदो चोदो और चोदो। फाड़ दो मेरी गांड। आज पता लगा कि गांड मरवाने में कितना मजा आता है। तेरे मामा ने तो कभी छुई भी नहीं मेरी गांड और तूने अपना लंड डाल दिया इसमें। आह चोद मुझे और चोद आह मेरी गांड फाड़ दे, मेरा छेद खोल दे आह हाँ हाँ आह हाँ
मैं: ले मेरी जान खाजा मेरे लंड को। ये सिर्फ तेरी गांड और तेरी चूत के लिए बना है, और ये तेरी बेटी भी ऐसी ही गांड मारेगी।
मामी: आराम से मारना मेरी बिटिया की गांड। उसकी भी सील पैक है।। आह चोदो और चोदो।
मैं: आह अहा, अरे फ़िकर ना कर। तुम दोनों की गांड की सील खोलनी मुझे ही है।वो भी कम चुदक्कड़ नहीं है। अभी कहूँगा ना अभी गांड दे देगी मुझे।
मामी: आह आअह आहा आअह, बस हो गया मेरा।
मैं: अन्दर निकाल दूं, भर दूं क्या तेरी गांड अपने माल से?
मामी: हां जी भर दो मेरी गांड की मांग अपने लंड के माल से।
मैं: अहह आअहह आहाहाहाहा हाहाहाहाहा।
और मैंने सारा माल मामी की गांड में भर दिया, और मामी के ऊपर गिर गया। मेरा लंड अभी भी उनकी गांड में था। थोड़ी देर ऐसे लेटने के बाद हम अलग हुए और मैंने गांड से लंड निकाला, जिसपे मेरे माल के साथ उनका खून भी लगा हुआ था। हम उठ कर वॉशरूम गए और खुद को साफ करके सो गए।
इसके आगे क्या हुआ, वो अगले पार्ट में। कृपया अपनी प्रतिक्रिया यहां साझा करें- [email protected]