मेरे बॉस की बहन मुझसे चुदी-1 (Mere boss ki behan mujhse chudi-1)

तो चलिए शुरू करते है, ये चुदाई की कहानी।

मेरा नाम मोहित है और मैं भोपाल में जॉब करता हूं। फिलहाल एक नयी कंपनी में जॉइन हुआ था। तो जो उस कंपनी में हेड लोग थे, वो सब आपस में रिश्तेदार थे। कंपनी में हम 9 लोग थे। जिस सर के अंडर मैं काम करता था, उसकी 2 बहनें थी। उनमें से एक की शादी हो चुकी थी। एक अभी कुंवारी थी, लेकिन उसकी उम्र 28 थी और मेरी उम्र 25।

मैं इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव था, तो मैंने देखा कि वो मेरी स्टोरी देखा करती थी। लेकिन मुझे फॉलो नहीं करती थी। ये बात मैंने काफी दिनों तक नोटिस की। लेकिन मैंने कोई भी स्टेप नहीं लिया था। मैं बस इस बात का इंतज़ार कर रहा था कि वो खुद कुछ पहल करे फिर में करूँगा।

उसका नाम अंजलि है और दिखने में आम लड़कियों जैसे ही थी दिखने में। इधर मैं काफी टाइम से सिंगल था तो सोचा अगर ये मिल भी जाये तो टाइम पास हो जायेगा अपना। फिर ऐसे ही करते-करते कुछ हफ्ते निकल गए। अचानक से एक दिन उसका मेरी स्टोरी पर रिप्लाई आया।

हुआ ये था कि मैं कहीं घूमने गया हुआ था, तो वो उस जगह का नाम पूछ रही थी। इसी बहाने फिर हम दोनों की बात-चीत शुरू हुई। मैं भोपाल में एक फ्लैट में रहता था। उसमे 2 कमरे थे। एक मेरा और एक मेरे दोस्त का। वो कभी-कभी अपनी बंदी लाता था, तो मुझे कोई दिक्क्त नहीं होती थी।

मेरी और अंजलि की डेली बात होती थी। हमारे नंबर भी एक्सचेंज हो गए थे एक-दूसरे से, लेकिन मेरा कोई विचार नहीं था उसको लेकर कि गर्लफ्रेंड बनाना है। बस ऐसे ही दोस्त बन जाये और खालीपन दूर हो जायेगा मेरा।

बातें होती रही। एक-दूसरे को जाना। वो अपनी पुरानी लव लाइफ बता रही थी तो मैंने भी अपनी शेयर कर दी। वो अपनी एक दोस्त के ब्यूटी पार्लर में काम करती थी और वो शॉप मेरे रूम के पास ही थी।

एक रात हम बात कर रहे थे तो टॉपिक सेक्स की तरफ आ गया। तो हम दोनों ने अपनी सेक्स लाइफ बताई एक-दूसरे को। उसको मेरे में इंट्रेस्ट आ रहा था, तभी इतनी बातें कर रही थी। लेकिन मुझे ये भी डर था कि अगर गलती से ये सब बातें मेरे ऑफिस में सामने आ गयी तो मेरी जॉब हाथ से निकल जाएगी। तो मैं इस बात का भी ध्यान रख रहा था।

जब बात इतनी आगे जा रही थी, तो मैंने अपने एक ऑफिस वाले दोस्त से शेयर की। वो मेरे से पहले इस ऑफिस में काम कर रहा था, तो सोचा कही अंजलि ने उसको भी पहले मैसेज किए हो। लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं था उनके बीच में। तो मेरे दोस्त ने बोला, “बात कर ले। देख ले कितनी आगे तक जा सकती है। लेकिन सावधान रहना।”

मेरी और अंजलि की बातें चलती रही। एक रात हमारी बाते फ्रेंड विद बेनिफिट्स पर आई तो उसने बोला उसे ये सब अच्छा नहीं लगता और वो उस बात पर नाराज हो गयी। उसे लगा कि मैं उसके लिए ये सब बाते कर रहा था, और फिर वो चली गयी। 2 दिन बाद फिर आई चैट करने तो मैंने उसको ऐसे ही बातो में उलझा के मना लिया और वो फिर से बाते करने लग गयी।

फिर हम दोनों कभी ऑफिस के बाहर मिलने लगे। जब मैं पहली बार उसको मिलने गया तो काफी अच्छा लगा। एक-दूसरे को गले लगाया, हाथ मिलाया। मेरा तो उस टाइम दिल गार्डन-गार्डन हो गया था। एक अजीब सी प्यारी सी फीलिंग आई। मेरा तो हाथ छोड़ने का मन ही नहीं हो रहा था। ऐसे करते-करते हम अच्छे दोस्त बन गए थे।

फिर आया संडे तो मैंने ऐसे ही मजे-मजे में बोल दिया सुबह उससे कि मेरे रूम आ जाओ। उसने एक बार में हां भी कर दी। मुझे यकीन नहीं हो रहा था और डर भी लग रहा था कि कहीं कुछ गड़बड़ ना हो जाये। वो 11 बजे सुबह मेरे रूम आ गयी और मेरा फ्लैटमेट लाइब्रेरी चला गया था।

फिर हम दोनों रूम में अकेले थे। मेरे पास एक सिंगल फोल्डिंग बेड था, तो हम दोनों उस पर ही बैठे रहे काफी देर तक। फिर वो बोली कि तुम लेट जाओ मैं बैठ जाउंगी। मैंने मना किया उसे कि तुम लेट जाओ मैं ऐसे ही ठीक हूं। वैसे बता दूँ आप लोगो को, कि मेर ऐसा-वैसा कोई गलत इरादा था भी नहीं उसे बुलाने का, लेकिन वो आ गयी एक बार में। ये मुझे समझ नहीं आ रहा था।

थोड़ी बाते करने के बाद मैं भी उसकी साइड में लेट गया। पहले मैं उसके पैर की साइड लेटा तो उसने बोला इधर सही से लेट जाओ, तो मैं लेट गया। अब हम एक-दूसरे के बहुत करीब थे। हमारी साँसे एक-दूसरे को महसूस हो रही थी। अंदर एक अजीब सी फीलिंग आ रही थी। अचानक से मैं उठा बेड पर से, मन में सोचते हुए कि कुछ गलत हो उससे पहले एक बार सोच लूं।

तो मैं उठ कर वाशरूम के बहाने बाहर आ गया रूम से और सोचने लगा कि मैं यहां से भाग जाऊ, या ये चली जाये यहां से, वरना आज शायद सेक्स हो जायेगा हमारे बीच। मैं कुछ करता उससे पहले उसने मुझे आवाज़ लगाई, और मैंने अंदर आते ही रूम लॉक कर दिया। उसे ये पता नहीं था कि रूम लॉक हो चुका था।

फिर हम दोनों पहले की तरह बेड पर लेट चुके थे। दोनों के फेस एक-दूसरे के सामने थे। कभी मैं उसके गालों को टच करता किसी बहाने और कभी वो मेरे गालों को। फिर मैं धीरे-धीरे अपने पैरों से उसके पैर रगड़ने लगा‌। वो भी अब मेरा साथ दे रही थी। तभी वो बोली, “गेट लगा दो।” मैंने बोला, “पहले ही लॉक कर दिया था।” तो वो एक स्माइल देकर फिर चालू हो गयी।

मैंने अपना एक पैर उसके ऊपर रख दिया और उसे अपने पास खींच के जकड़ लिया और किस्स करने लगा।

इसके आगे क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा। ये कहानी आपको कैसी लगी जरूर बताएं। अगर कोई कमी रह गई हो, तो भी जरूर बताएं।