पिछला भाग पढ़े:- अदला-बदली करके चुदाई का मजा उठाया-2
हैलो दोस्तों, मैं आसिफ आपके सामने एक और नई सेक्स कहानी के साथ हाजिर हूं। यह कहानी मेरी और मेरी एक पाठिका कृती सक्सेना और उनके पति राघव सक्सेना की है। पिछला भाग अपने पढ़ा होगा। अब आगे-
कृती मेरे होंठ चूसने काटने लगती है। उसके बूब्स मेरे सीने से दब रहे थे। मैं उसके बालों में हाथ डाल सहला कर उसके रसीले होंठ का रसपान करता हूं।
कृती: उहह आसिफ, तुम्हारे बदन के साथ-साथ तुम्हारे होंठ भी कड़क है।
मैं: और तुम्हारा हार अंग रसीला है मेरी जान।
कृती: सिर्फ तुम्हारे लिए मेरे आसिफ।
मैं कृती की साड़ी निकाल कर उसकी पतली कमर पर होंठ रख कर चाटने लगता हूं। नाभी में जीभ डाल कृती को चुदाई के पहले का पूरा मजा दे रहा था, और वो भी पूरा साथ दे रही थी। “उमह आसिफ पूरी चाटो अंदर तक अच्छे से मजा आ रहा है।”
फिर कृती को घूमा कर उसकी नंगी पीठ पर किस्स करता हूं। पीछे से ब्लाउस के हुक खोल देता हूं। उसका ब्लाउस ढीला कर देता हूं। उसका ब्लाउस निकाल कर फेक देता हूं। क्लीवेज पर उंगलियां फेरता हूं। अपने ऊपर बिठा कर ब्रा खोल देता हूं। फिर उसके बूब्स पर हाथ घुमाता हूं और प्यार से दबाता हूं।
कृती का हवसी चेहरा मेरे सामने था और अलग ही मुस्कान थी। उसके बूब्स दबा कर उसकी सिसकियां निकलने लगती है। “अहह मेरी रानी कितने मुलायम चूचे है तेरे।” उसको झुका कर मैं बूब्स चूसने लगता हूं। निप्पलस काट कर उसके बूब्स पर अपने प्यार से निशान देता हूं अपने प्यार की।
उसके पेटीकोट को ऊपर करके जांघें मसलता हूं। फिर नाड़ा खोल कर पेटीकोट थोड़ा नीचे करता हूं। मेरा लंड पूरा खड़ा था और उसकी गांड में घुस रहा था पेटीकोट के ऊपर से से ही। फोरप्ले करते हुए मैं उसको पूरा नंगा के देता हूं और मैं भी नंगा हो जाता हूं। कृती का नंगा जिस्म चमक रहा था। मैं अपना लंड हाथ में पकड़ के कृती को चूसने का इशारा करता हूं। हाल से रागिनी की चीखे कमरे में आती है, “अहह रघाव और जोर से चोदो, पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दो अंदर तक।”
उसकी आवाज सुन कर कृती और मुझमें और जोश आ जाता है। कृती मेरा सख्त लंड उसके मुलायम हाथ में लेती है।
कृती: आसिफ तुम्हारा लंड तो बड़ा और मोटा है और काला भी, जैसा मुझे पसंद है।
मैं: तुम्हारा ही है मेरी जान। अब इस काले घोड़े को थोड़ा गीला करो तुम्हारी चूत में जाने के लिए।
कृती लंड को हिलाने लगती है और ऊपर का हिस्सा चाटने लगती है। मैं उसके बाल सहलाने लगता हूं। कृती शादी-शुदा औरत है। उसको अनुभव है लंड की मालिश कैसे करते है। वो जीभ से बड़े प्यार से लंड चूसती है। “अहह कृती पूरा लंड लेकर चूसो ना, कितना मजा आ रहा है।” उसके मुह में पूरा लंड नहीं जा रहा था। मैं उसका सर पकड़ के पूरा लंड घुसाने लगता हूं, उसके मुह में लंड डाल कर चोदने लगता हूं। वो मजे से लंड चुसती है। 7-8 मिनट बाद रागिनी की आवाज बंद हो जाती है। कृती मेरा लंड अंदर तक चूस-चूस कर गीला कर देती है।
कृती: प्लीज आसिफ अब चोदो ना। राघव ने तो रागिनी को चोद भी दिया। तुमने तो शुरू भी नहीं किया, अब जल्दी से चोदो।
आसिफ: अच्छा मेरी कृती रानी।
मैं कृती के ऊपर चढ़ कर उसकी चूत पर लंड रगड़ने लगता हूं। कृती में और जोश आ जाता है। उसकी चूत पहले से ही गीली थी और लंड भी चाट-चाट कर गीला कर दिया था। उसके दोनों हाथ को पकड़ के मैं उसके बदन को जकड़ लेता हूं। धीरे-धीरे अपना लंड उसकी चूत में डालता हूं। उसकी हल्की-हल्की चीखे निकालने लगती है।
मैं उसके होंठों पर अपने होंठ रख देता हूं। उसकी आवाज बाहर नहीं निकल पाती है। कृती मेरे नीचे दब जाती है। फिर मैं धीरे-धीरे उसकी चूत में लंड डालता हूं। उसका हल्का दर्द पूरे मजे में बदलने लगता है। वो अब उसकी कमर उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगती है।
मैं उसके होंठ छोड़ देता हूं। उसकी मीठी सिसकियां पूरे कमरे में गूंजने लगती है। “अहह आसिफ दम नहीं है क्या तुझमें? जोर से चोद ना। किस लिए बुलाया है तुझे?”
वो मुझे उकसा रही थी। मेरे अंदर जोश भर रही थी। अब मैं भी तैयार था उसकी ताबड़तोड़ चुदाई करने के लिए। फिर मैं उसकी चूत से लंड बाहर निकालता हूं, और एक ही झटके में पूरा लंड फिर से अंदर डाल देता हूं। इस बार उसकी पूरी चीखें निकलती है। मैं भी जोर से चोदने लगता हूं। उसके बूब्स के बीच मंगलसूत्र उसके नंगे जिस्म की खूबसूरती बढ़ा रहा था। हर झटके में वो हिल रहा था। यह देख और जोश आ जाता है मेरे अंदर।
मैं फिर उसके दोनों हाथ छोड़ कर उसकी कमर पकड़ के उसको चोदने लगता हूं। कृती भी मेरा पूरा साथ देती है। वो भी अपनी कमर हिला-हिला कर पूरा अंदर तक लेती है।
कृती: अहह आसिफ, मजा आ रहा है। रुकना मत्त, चोदते रहो। और जोर से चोदो।
मैं उसकी चुदाई जारी रखता हूं, “हां मेरी रानी, आज ना रुकूंगा और ना थकूंगा।”
मैं उसके बूब्स को पीने लगता हूं और उसकी चूत में झटके देता हूं। पंखा फुल स्पीड पर चल रहा था, पर दोनों पसीने में भीगे हुए थे। उसको चोदते हुए उसको किस्स करता हूं। बूब्स चूसता हूं। उसको भी मजा आता है। उसकी सिसकियां माहौल को और गर्मा रही थी। तभी हमें गेट खुलने की आवाज आती है। मैं थोड़ा रुकता हूं। फिर दरवाजे की तरफ देखता हूं। दरवाजे पर रागिनी खड़ी थी। उसके हाथ में दारू के ग्लास थे। वो अंदर आती है और हमारे बगल में बैड पर बैठ जाती है। कृती उससे थोड़ा शर्मा जाती है।
रागिनी: तुम दोनों का अभी तक चल रहा है, राघव तो सो गया।
मैं: अभी तो शुरुवात है। पूरी रात बाकी है।
और मैं उसके साथ से एक ग्लास लेता हूं, और पीने लगता हूं।
रागिनी: लगता है रागिनी मुझे देख कर शर्मा गई। तुम लोग अपना चालू रखो।
मैं फिर से कृती को चोदना चालू करता हूं। इस बार फूल स्पीड में उसको चोदता हूं। उसकी चूत पानी छोड़ने लगती है। उसका शरीर ढीला पढ़ जाता है।
कृती: उम्म उफ्फ़ आसिफ मेरा हो गया। अब रुक जाओ थोड़ा सा।
पर मैं रुकता नहीं हूं और चुदाई करते रहता हूं। “मेरा भी तो होने दो।” कृती थक जाती है। उसका पानी भी निकल चुका था। मैं भी अपनी स्पीड और तेज कर देता हूं। कृती की सिसकियां बढ़ जाती है। थोड़ी देर फुल स्पीड में चोदने के बाद मेरा भी निकलने वाला होता है।
मैं: कृती मेरा निकलने वाला है, किधर लेना पसंद करोगी बाहर या अंदर?
कृती: तुमने कंडोम नहीं पहना है, तो बाहर ही निकालो। अंदर बिलकुल भी नहीं।
मैं उसको चोदता हूं और एक लंड बाहर निकाल लेता हूं। कृती बिस्तर पर लेटी हुई थी। मैं रागिनी को इशारा करता हूं। वो लंड पकड़ के हिलाने लगती है। उसके सॉफ्ट हाथों में लंड ज्यादा देर टिक नहीं पाता है, और मेरे वीर्य की पिचकारी निकालने लगती है।
पूरा वीर्य कृती की चूत पेट और कुछ छींटे बूब्स मंगलसूत्र तक चले जाते है। जब तक लंड पूरा खाली नहीं हो जाता रागिनी रुकती नहीं है और हिलाती रहती है। रागिनी अपने हाथों से मेरा लंड खाली कर देती है। मैं कृती की तरफ देखता हूं। उसके चेहरे पर खुशी और थकान दोनों दिखाई दे रहे थे। पर उसकी आँखों में अभी भी हवस थी।
कृती: आसिफ आज तो मजा आ गया। बहुत दिनों बाद इतनी थका देने वाली चुदाई हुई है इस बिस्तर पर।
मैं: अभी तो और थकना बाकी है तुम्हारा।
रागिनी: और मेरा क्या? मुझे कौन थकाएगा?
मैं रागिनी को अपनी तरफ खिचता हूं, “मैं हूं ना तुम दोनों के लिए।”
आगे केसे मैंने रागिनी और कृती को एक साथ चोदा, अगले भाग में पता चलेगा।
कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर बताए और अपना अनुभव जरूर सांझा करे। मेरी आइडी है khanabdulasif01@gmail.com
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