बॉयफ्रेंड को दिलाई अपनी मम्मी की चूत (Boyfriend ko dilayi apni mummy ki chut)

हेलो दोस्तों, मेरा नाम सोनम है और मैं अभी 22 साल की हूं। मैं अपनी मम्मी की तरह गोरी और चिकनी हूं। बस मैं थोड़ी पतली दुबली हूं‌, वहीं मम्मी का शरीर भरा पूरा और फिगर 36-30-36 का है। मम्मी का नाम अमृता है और उनकी उम्र 42 साल है, लेकिन देखने में बिल्कुल मेरी बड़ी बहन लगती है। ये मैं नहीं देखने वाले लोग कहते है। मम्मी का कसा हुआ बदन किसी को भी मोहित कर लेता है।

मैं मुंबई की रहने वाली हूं। मेरे पापा यहीं पे बिजनेस करते है और महीनों तक घर से बाहर रहते है। घर में मैं, मेरा छोटा, भाई और मम्मी रहते है।

यह कहानी तब शुरु हुई जब मेरा बॉयफ्रेंड अजय (24 साल) ने मुझे मेरी माँ के साथ बाजार में देख लिया। तब रात को बात करते समय मुझसे पूछा-

अजय: यार सोनम तुमने कभी बताया नहीं कि तुम्हारी कोई बड़ी बहन भी है।

मैं: तुमसे किसने कह दिया कि मेरी कोई बड़ी बहन है?

अजय: यार मैंने खुद आज बाजार में देखा था तुम्हे उसके साथ।

मैं समझ गयी कि अजय मेरी माँ के बारे में बात कर रहा था।

मैं: यार वो मेरी मम्मी थी।

अजय: क्या बात कर रही है सोनम, वो सच में तुम्हारी माँ थी। यार फिर तो बहुत हॉट है आंटी।

मैं: कुछ भी मत बोलो अजय। मेरी माँ है वो, शर्म नहीं आती तुम्हें?

अजय: इसमें शर्म की क्या बात है सोनम? तुम्हारी माँ सच में हॉट है, अंकल तो किस्मत वाले निकले।

मैं: हां, वो तो है।

अजय: यार अंकल को तो मजा आ जाता होगा रात को, तुमने कभी उन लोगों को देखा है या नहीं।

मैं: क्या बकवास कर रहे हो यार?

अजय: सोनम अब शर्माना छोड़ो और बताओ तो सही।

मैं: एक बार देखी थी तब मम्मी-पापा दोनों नंगे थे। मम्मी झुकी हुई थी और पापा पीछे से कर रहे थे।

अजय: वाह यार सुन कर ही मेरा लंड जोश में आने लगा। मुझे भी एक बार आंटी की दिलवादो यार।

मैं: छी‌ यार! कितने गंदे हो तुम, वो मम्मी है मेरी।

अजय: तो क्या हुआ, उन्हें भी तो ये पसंद होगा, तुम बस मिलवाओ तो एक बार।

मैं: अच्छा ठीक है, कल घर पे आना, और मम्मी से मिल लेना।

अजय: ऐसे नहीं, तुम्हें खुद उनसे मेरी परिचय करना होगा।

मैं: अच्छा बाबा ठीक है, अब सोने दो मुझे।

फिर मैं फोन रख कर सोचने लगी कि मम्मी को कैसे अजय से मिलवाऊं। खैर, दूसरा दिन मैंने मम्मी को बताई कि मेरा एक दोस्त उनसे मिलना चाहता था। तब मम्मी ने जो नॉर्मल रियेक्ट की, उससे मुझे शांति मिली।

मम्मी ने कहा: ठीक है, घर पे बुला लो। यहीं पे मिल लेंगे।

शाम को जब मेरा भाई खेलने गया था, तब मैंने अजय को बुलाई। अजय ने आते ही मेरी मम्मी पर अपना इम्प्रेशन झाड़ना शुरु किया। मम्मी की वो जम के तारीफ करने में लग गया। साथ ही साथ वो मम्मी की किसी-किसी काम में मदद भी करने लगा। मम्मी भी उसके साथ ऐसे बातें कर रही थी, जैसे दोनों पहले से जानते थे। तभी-

मम्मी: अच्छा अजय बेटा, सोनम कह रही थी, तुम्हें मुझसे कुछ कहना था?

अजय: हां आंटी, वो मैं सोच रहा था कि इस बार की होली आपके साथ खेलूं। मेरा मतलब है कि आप सब के साथ, सोनम और आपके साथ।

मम्मी उसकी बात सुन कर हंसने लगी और बोली: ये तो अच्छी बात है बेटा। इस होली हम सब मिल कर होली खेलेंगे।

अजय खुश हो गया और वहां से जाते-जाते मुझे आँख मारी और चला गया। दो दिन बाद ही होली थी और अजय मेरी माँ को चोदने के लिए मरा जा रहा था।

होली के दिन मम्मी मालपुए बना रही थी। मैं और मेरा भाई एक-दूसरे को तंग करते हुए रंग लगा रहे थे। तभी अजय भी आ गया। मेरा भाई ने अजय को रंग लगाना चाहा, लेकिन अजय ने उसे अपने को छूने नहीं दिया और सीधा घर में चला गया। मैं समझ गयी कि वो सीधा माँ को रंग लगाना चाहता था।

अजय सीधा किचेन में गया और मम्मी के गालों में रंग मलते हुए उन्हें हैप्पी होली विश किया। मम्मी ने भी उसके गालों पर रंग लगाया और उसे होली विश की। अजय मम्मी से चिपका रहा और बोला-

अजय: आंटी आज मैं आपके लिए आया हूं‌। चलिए होली खेलते है।

मम्मी: बेटा तुम लोग खेलो, मैं कहा अब तुम लोगों के साथ होली खेलूंगी?

अजय मम्मी को इतना जोर से अपने बाहों में लिया था कि मम्मी की आह निकल गयी।

अजय: आंटी आपको हमारे साथ होली खेलना होगा। वैसे भी अंकल तो है नहीं, तो फिर आपको मैं ही रंग देता हूं।

मम्मी ने अजय के गालों को खींचते हुए बोली: अच्छा तो फिर थोड़ा सा रुक जाओ, फिर जी भर के मुझे रंग लेना।

फिर अजय ने मम्मी को छोड़ कर मेरे पास आया और मुझे रंगते हुए बोला कि मैं अपने भाई को बाहर रखूं ताकि ये दोनों मजे कर सके।

मैं अपने भाई को रफली रंग लगाई जिससे वो चिढ़ गया और मेरे पीछे दौड़ा। मैं बाहर की ओर भागी, तभी उसके दोस्त आ गये और मेरे भाई को ले गये। मैं भाग के घर आई और छुप कर देखने लगी।

मम्मी और अजय दोनों एक-दूसरे को रगड़ कर रंग लगा रहे थे। अजय मम्मी के गोरे बदन के हर हिस्से को रगड़ रहा था। मम्मी के मुंह से ससीईईई आअह्ह्ह्ह, अजय ऊऊह्ह्ह्हह… कर रही थी।

मम्मी: अजय अब मुझे जाने दो अगर बच्चे आ गये और देख लिया तो क्या सोचेंगे।

अजय: आंटी आप बस मजे लो आज कोई नहीं आएगा। सोनम ने ही हमें ये मौका दिया है।

मम्मी को यह जान कर बहुत हैरान हुई।फिर अजय ने मम्मी के मम्मे दबाने लगा।

मम्मी: उउउफ्फ्फ्फ़ आआह्ह्ह्ह अजय प्लीज ऐसे मत करो। ये सब अच्छा नहीं लगता।

अजय: आप बस मजे लो आंटी। मैं जानता हूं‌ आप भी यहीं चाहती हो, बस डर रही हो।

मम्मी: किसी को पता चलेगा तो बहुत बदनामी होगी बेटा, छोड़ दो मुझे।

अजय कहा सुनने वाला था। मम्मी को गोल नचाते हुए साड़ी को खोल दिया। मम्मी अजय की बाहों में गिरी और अजय उनकी गोरे बदन को चूमने लगा। अब माँ रोकना चाहती थी, पर माँ को भी चुदना था और अजय माँ को चूमते-चूमते सोफे पर लिटा दिया

अजय ने माँ को कस कर कर पकड़ा और माँ के होंठों को चूसने लगा। कुछ टाइम होंठों को चूसने के बाद माँ गर्म हो गयी और चुदने के लिए तयार हो गयी। अजय ने माँ की कमीज ने अंदर हाथ डाल कर माँ के मम्मों को दबाने लगा और माँ ने भी अजय की पेंट में हाथ डाल दिया और लंड को हिलाने लगी। वही अजय ने माँ की कमीज को उपर करके माँ के बूब्स को चूसने लगा। सच बताऊं तो मेरा भी बहुत मन करने लगा था चुदने को, पर मैंने अपने आप को रोक लिया और इनकी चुदाई को मजे से देख रही थी।

माँ ने अजय की पेंट की जिप को खोल कर लंड को बाहर निकाल लिया। फिर माँ लंड को मुंह ने लेकर लंड को चूसने लगी और लंड को चूसते देख कर मेरे मुंह में भी पानी आ गया और मेरा भी मन अजय के काले लंड से चुदने का करने लगा।

अजय ने माँ की ब्रा और पेंटी को उतार दिया और माँ के बूब्स को मसलते हुए चूसने लगा। माँ अब आआहहहह… ऊऊह्ह्ह.. करने लगी। फिर अजय ने माँ को चूमते हुए चूत तक पहुंचा और उनकी रसीली चूत को चूसने लगा।

थोड़ी देर चूसने के बाद अजय ने अपना लंड माँ के चूत पर लगाया और मस्ती में पेल दिया। माँ के मुह से एक आआअह्ह्ह.. निकली और आँखे बंद करके होंठ को काटने लगी। इधर अजय माँ को जोर-जोर से पेलने लगा। मम्मी की चूत गीली हो कर रसीली हो चुकी थी। अजय अपना लंड बड़े आराम से अंदर-बाहर कर रहा था। माँ की मुँह से मादक सिसकारियां छूट रही थी।

उनकी चुदाई देख कर मेरी चूत गीली होने लगी। मैंने अपना एक हाथ अपनी फ्रॉक के नीचे डाली और चूत सहलाने लगी। उधर अजय ने अपनी पोज़ बदली और माँ को घोड़ी बना कर घोड़े की तरह जोर-जोर से चोदने लगा, और माँ के कस कर बूब्स को पकड़ा और कुत्तों की तरह पेलने लगा और मैं उन दोनों को देख रही थी। अजय माँ के चूत में लंड बड़ी तेजी से पेल रहा था। मम्मी अपनी चूचियों को मसलते हुए.. अअअअअअअह्ह्ह्… अजय चोद मुझे फाड़ दे मेरी चूत को ऊउउउह्ह्ह्ह… आआह्ह्ह…।

इसी तरह चुदाई के बाद दोनों ने एक तेज चीख के साथ शांत हो गये और एक-दूसरे के होंठ को चूसने लगे। मेरा बॉयफ्रेंड काफी खुश था मेरी माँ के चूत चोद कर। फिर दोनों कपड़े पहने और माँ अपने को साफ करने बाथरूम में गयी और मेरा बॉयफ्रेंड मुझे दीवार से सटा कर मुझे चूमने लगा। मैं भी फुल गर्म थी उसका लंड सहलाते हुए, उसके होंठ चूसने लगी।

थोड़ी देर में लंड टाइट हो गया और अजय ने खड़े-खड़े ही मेरी चूत चोदने लगा। मैं इतनी गर्म थी कि मेरी पानी निकलने लगी। अजय मुझे कुछ देर चोदा और फिर पानी गिरा कर अपने घर चला गया। तभी मम्मी नहा कर बाहर आई और अपने कमरे में चाली गयी। फिर मैं नहाने चाली गयी।

आज अपनी माँ की चुदाई देखने के बाद मेरी एक चुदाई से भी चूत शांत नहीं हुई। तो बाथरूम में बैठ कर चूत सहलाने लगी।