पड़ोसी लड़कों की हवस का शिकार हुई छोटी बहन-8 (Padosi ladkon ki hawas ka shikar hui chhoti behan-8)

पिछला भाग पढ़े:- पड़ोसी लड़कों की हवस का शिकार हुई छोटी बहन-7

जैसा कि आपने पिछली कहानी में पढ़ लिया होगा कि कैसे सभी मिल कर छोटी बहन सपना की जोरदार चुदाई किए जा रहे थे, और कहीं घूमने जाने का प्लान कर रहे थे। उसके आगे की कहानी सुनिए। पर उससे पहले आप सभी प्रिय पाठक, बहुमूल्य कमेन्ट करके जरूर बताएं कि कहानी कैसी लग रही है। इससे लिखने वाले को और अच्छा लिखने का मोटीवेशन मिलता है।

प्लान बनाते-बनाते ही विकास और रमेश दोनो सपना को सैंडविच बना कर ठुकाई करने लगे। अमर और समर सपना को लंड चुसाने लगे। लगातार धक्कम-पेल चुदाई से सपना की चूत से पानी फच्च फच्च फच्च फच्च की आवाज करते हुए निकलने लगा, जिससे विकास का लंड भीग गया पर वो रुका नहीं। वो लगातार धक्के मारे जा रहा था।

उसका मोटा काला लंड सपना की चूत के लिए परफेक्ट सा लग रहा था। सपना की चूत में विकास का लंड घुसते ही फच्च फच्च की आवाज आ रही थी, और पूरे कमरे में सपना की उहहह आह उहहह आह की आवाज गूंज रही थी।

लगातार दस मिनट की चुदाई होने तक सपना की चूत का कचूमड़ बन चुका था। फिर भी विकास अपने सांड के जैसे लंड से धक्कम-पेल चुदाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा था। विकास की चुदाई का असर सपना के चेहरे पर दिख रहा था।

विकास ने अपना पूरा माल सपना के मुंह में निकाल दिया, और उसे पीने को बोला। पर जब सपना आना-कानी करने लगी तो विकास ने सपना का मुंह पकड़ कर खोला और अपना पूरा लंड सपना के गले तक उतार दिया। जिससे सपना के गले से गे गे गे गे निकलने लगा। पर विकास फिर भी नहीं रुका और सपना को अपना पूरा वीर्य पीने पर मजबूर कर दिया, और ये पहली बार था जब सपना वीर्य पी रही थी।

कुछ वीर्य विकास ने सपना के मुंह पर भी गिरा दिया। सपना वो सब पोंछ ही रही थी कि तभी रमेश ने पीछे से आकर सपना की कमर को पकड़ लिया, और जब तक सपना पीछे की ओर मुड़ कर देखती, तब तक रमेश सपना को अपनी आगोश में ले लिया। फिर झट से सपना के चूत के फांको को अपने हाथों से फैलाया, और सपना को कुतिया बना दिया। फिर सपना के बालों को पकड़ कर सपना की चूत पर अपना लंड सेट किया और दो ही झटके में सपना की चूत में अपना मोटा लंड उतार दिया।

रमेश के हर झटके में सपना के मुंह से अआह आह आह आह की आवाज निकालता, और रमेश बोलता, “उफ्फ क्या माल है साली रंडी। क्या चूत है साली की, कितना मजा आ रहा है। ओहहहहहह गजब की चूत है। मन करता है सारी उम्र ऐसे ही इसे चोदता रहूं।”

रमेश: क्यूं साली रंडी मजा आ रहा है या नहीं बहन की लौड़ी?

सपना: उफ्फ उइइईईईई आहहहह उम्मम दर्द हो रहा, प्लीज धीरे डालो।

रमेश: कुतिया साली किस चक्की का आटा खाती है। ऐसी चूत कभी नहीं देखी मैंने। क्या कसी हुई चूत है। साली थका दे रही है तू। मेरा लंड मजा दे रहा कि नहीं बोल साली कुतिया?

सपना: उफ्फ मादरचोद धीरे पेल, दर्द हो रहा बहन के लौड़े। बहुत मोटा लंड है रे तेरा। साले चूत में जलन हो रही है, छोड़ साले कुत्ते।

रमेश: अरे मेरी कुतिया, साली आज तो तुझे कुतिया बना कर खूब चोदूंगा। तेरे ये पपीते जैसे चूचे बहुत उछल रहे हैं क्या माल है रे तूं। अभी तक क्यूं नहीं मिली साली रंडी। तेरे चूचे देख तो मुझे पीने का मन कर रहा है।

और ऐसा कहते हुए रमेश सपना की चूचियों को दोनो हाथों में पकड़ते हुए पीछे से जोर-जोर के धक्के मारता, और हर धक्के में आह आह आह आह की आवाज निकालता, और फिर चूचियों को मसलते मसलते सपना के पीठ पर चूमने लगा।
शायद रमेश अब झड़ने वाला था। और तब तक अमर ओहहहहहहह साली रांड क्या चुदती है मादरचोददददददद कहते हुए सपना की चूत में झड़ गया।

फिर तुरन्त रमेश के झड़ते ही, अमर सपना की तरफ दौड़ा और फिर अमर नीचे बेड पर लेट गया और सपना को अपने ऊपर लेटने को बोला। सपना बैठने में कसमसा रही थी, क्यूंकि अभी तो रमेश ने उसे चोद कर छोड़ा ही था, और उसका पूरा माल अभी टप टप टप टप करके चू ही रहा था। तब तक अमर सपना का हाथ पकड़ के अपनी ओर खींचा, जिससे सपना अमर के ऊपर एकाएक लेट गयी।

उसकी बड़ी-बड़ी पपीते जैसी चूचियां अमर के छाती से टकराते हुए दब रही थी। फिर जैसे ही सपना उसके ऊपर लेटी, तुरन्त अमर अपने पैरों को समेट लिया। अब अमर का लंड सपना की चूत और गांड के बीच दुबक गया। फिर अमर ने बिना देर किए अपने लंड को सपना की चूत पर सेट करके, सपना को पीछे किया तो अमर का लंड सपना की चूत में हल्का सा घुस गया। सपना उइइइईईईई की आवाज करते हुए बैठ गयी।

तभी अमर ने सपना को पकड़ कर अपने ऊपर फिर से लिटा लिया और अब लगातार एक दो धक्का धीरे-धीरे मारा, और जैसे ही अमर को एहसास हुआ कि अब उसका लंड सपना की चूत में घुस गया था, वो सटासट सटासट लंड पेलने लगा। इससे सपना की चूत से पट पट पट पट पट पट चट चट चट चट की आवाज आने लगी। करीब 2 मिनट बिना रुके झटके मारने के बाद अमर ने सपना को आजाद कर दिया और अब उसकी चूचियों को अपने दोनो हाथों में पकड़ कर उसे इशारे में लंड पर कूदते हुए उछलने को बोला।

पर सपना दर्द के मारे रुकी हुई थी। तभी अमर ने खुद नीचे से दो-तीन झटके मारे तो सपना उछल गयी, और फिर अमर सपना की चूचियों को पकड़ कर ऐंठने लगा तो सपना उउउउहहहहहहहह उफफफफ करते हुए रोने लगी। तो अमर ने बोला कि, “अगर उछलोगी तो नहीं ऐंठूंगा। नहीं तो अभी दांत से भी काटूंगा, रंडी साली। कूद बहन की लौड़ी, मादरचोद रंडी साली। उछल जल्दी-जल्दी और मजे दे मेरे लंड को।” और इस तरह अमर ने सपना को उछाला। कुछ देर बाद सपना चिल्लाते हुए बोलने लगी-

सपना: हाआहाआहाआ ओहहहहहह ओह फक ओह फक, फक मी फक मी उफ्फ्फ्फफफ ओहयेह ओहयेह ओह सिट ओहहहहहहहहह फक्क्क्क्क्ख्ख ओहहहहहह उन्हआ उन्हआ उन्हआ उन्हआ, ओह यस ओह यस फक मी हार्डर बेबी।

ये सब सपना कह ही रही थी कि तभी समर भी आकर चिपक गया सपना से और उसकी चूचियों को पीछे से ही दबाने लगा। और तभी समर ने सपना को झुका दिया और फिर सपना की गांड में अपना लंड घुसाने लगा। जब लंड नहीं घुसा तो अपने लंड पर ढेर सारा सरसो का तेल गिराया और फिर सपना की गांड के छेद को फैला कर उसके अन्दर ढेर सारा तेल गिराया।

समर जब गांड की छेद को फैला रहा था तो सपना चीखने लगी, “रुक बहन के लौड़े, क्यूं फाड़ रहा मेरी गांड? ओह माई गाॅड, ओह माई गाॅड, ओह माई गाॅड।” सपना ये सब बोल ही रही थी कि तब तक समर ने अपना लंड सपना की गांड के छेद पर रख कर, सपना की पीठ को हल्का नीचे दबाया, और गांड को थोड़ा ऊपर उठाया, और अपने लंड को सपना की गांड में पेल दिया। समर का लंड सपना की गांड को चीरता हुआ अन्दर हलक तक पहुंच गया।

सपना कच्ची मछली की तरह फड़फड़ाने लगी, चीखने चिल्लाने लगी, जोर-जोर से भिलभिलाने लगी। पर अब अमर और समर दोनों भाई अपनी हवस की वजह से कंट्रोल खो चुके थे। वो दोनो भाई सटासट सटासट फटाफट फटाफट लंड ठोंके जा रहे थे। 5 मिनट की भयंकर चुदाई के बाद दोनो की स्पीड धीरे हो गई, और सपना की चीख भी कम होने लगी।

शायद सपना को भी अब मजा आने लगा था, क्यूंकि वो भी अब गांड मटका-मटका कर चुद रही थी। तभी समर, सपना को कमर से पकड़ कर अपने गोद में उठाने लगा, उसे लगा कि वो अपने कमर पर बिठा कर वो उसकी अच्छे से चुदाई करेगा। पर सपना का वजन 55 किलो के आस-पास था। तो समर को सपना को उठाने में दिक्कत होने लगा। पर जब ये माजरा अमर ने देखा तो वो समर का सपोर्ट करने पहुंच गया, और वो तुरन्त जाकर सपना को कमर पर पकड़ कर उठाया।

फिर जैसे ही सपना थोड़ा स्थिर दिखी तो समर ने अपना लंड सपना की चूत में सेट करने लगा। फिर जैसे ही वो चूत की फांको के बीच अपना लंड फंसाया तो उसने अमर को इशारा करके साथ देने को बोला। तुरन्त अमर ने सपना के कमर को पकड़ कर सपना को ऊपर नीचे करने लगा। जैसे ही सपना की चूत में समर का लंड घुसा, सपना की चीख फिर से निकल गयी। पर समर बिना रुके सपना को अपने लंड पर उछालने लगा।

फिर जब अमर समर को थकता हुआ देखा, तो वो अपने लंड को सपना के गांड में टच कराने लगा। सपना कुछ समझती तब तक अमर ने अपने लंड पर ढेर सारा थूक गिराया, और फिर अपने हाथों में ढेर सारा थूक गिरा कर सपना की गांड में उंगली करते हुए। सपना की गांड के छेद में थूक लगाने लगा ताकि सपना की गांड अमर का लंड लेने के लिए खुल जाए।

कुछ देर एक उंगली गांड में डाल कर अन्दर बाहर किया। और जैसे ही सपना की गांड से हल्की-हल्की हवा निकलते हुए गांड का छेद बुलबुलाते हुए बड़ा होते दिखा, अमर ने अपने मोटे तगड़े लंड को सपना की गांड के छेद पर सेट करके, सपना के कमर को पूरी तरह छोड़ दिया। जिससे सपना अचानक से नीचे हुई, और अमर का लंड सपना की गांड को चीरते हुए अन्दर घुसता चला गया।

वो चिल्ला पड़ी: आआहई मर गई मम्मी रे… आह मेरी फट गई… उउफ्फ निकाल ले साले, बहन के लौड़े निकाल ले।

मगर अमर ने लंड निकालने की जगह दूसरा झटका दे मारा।‌ इस बार उसका पूरा लंड गांड में तेजी से घुसता चला गया।

सपना: आआह आउउच अमर… मैं मर जाऊंगी… आह छोड़ दे कमीने।

अमर: आह साली, रंडी बन गई है तू और अब तेरी गांड की सील भी फट गई है तू मस्त औरत बन गई है।

ये कह कर अमर मेरी बहन सपना को धक्कम-पेल चोदने लगा।

सपना: आआह साले बेदर्दी धीरे चोद हरामी… मार दिया कुत्ते ने उफ्फ! गांड में क्यूं डाल दिया मादरचोद साले रंडी के औलाद।

पर अब अमर कहां मानने वाला था, वो समर को बोला: देख भाई हमें रंडी की औलाद बोल रही साली। इसे अब बताना पड़ेगा, चल शुरू हो जा।

इतना सुनते ही समर भी जोश में आ गया, और सपना की चूचियों को मुंह में भर कर काटने लगा, और हैवान की तरह चूसने लगा जैसे कि अभी पूरी की पूरी चूची को खा जाएगा।

फिर दोनों सपना को अपने लंड पर बिठा कर तेजी-तेजी से उछालने लगे, सपना चिल्ला रही थी। उसकी चीख सुन और सभी लोग मजे ले रहे थे। बोल रहे थे, “और तेज चोद साली छिनाल को, फाड़ डाल इसकी चूत और गांड।”

उधर सपना: प्लीज बहुत दर्द हो रहा। रुक जाओ, प्लीज धीरे-धीरे करो, मैं मर जाऊंगी उउउउउउउउउउउउउहहहह अइइईईईईईईई उउउउउम्म्म्म्म प्लीइइइईईईईईईज। मेरी चूत और गांड फट गई है अब बस भी करो छोड़ दो।

कुछ देर बिना रुके चुदाई करने के बाद दोनों की स्पीड धीरे होने लगी। फिर दोनों कुछ देर रुके और सपना को लेकर बेड पर लेट गए। फिर दोनों सपना को बर्गर के बीच के आलू के समान लेकर चिपके हुए थे, और फिर धीरे-धीरे दोनों आंखो ही आंखों में बातें करके दोनों ने अपनी स्पीड बढ़ाना शुरू किया। तो सपना की सिसकारियां तेज होने लगी। तभी रमेश पास में आकर अपना लंड सपना के मुंह में डाल कर अपना लंड चुसाने लगा, और विकास आकर सपना की चूचियों को पकड़ कर मसलने लगा।

इधर मैं और विनय सपना को बस चुदते हुए देख रहे थे। सपना की आंखों में आंसू थे, वो हम दोनों को देख रही थी, और आंखों में नमी थी‌। पर कुछ कहे बिना सब कुछ सह रही थी। तभी विनय ने मुझे इशारे में बोला कि, “भाई अब देखने से कुछ नहीं होगा, चल शामिल होते हैं, और विनय जाकर अमर को धक्के देकर अलग किया।

तभी समर विकास और रमेश ने विनय के काॅलर को पकड़ कर बोला, “बहनचोद रुक भोसड़ी के, अभी देखता जा केवल बीच में मत आ। आज हम चारों जी भर कर चोदेंगे उसके बाद ही कोई चोदेगा।”

और तभी विकास ने अपना फोन निकाला और बोला कि, “चल भाई अब तू चोद। अब मैं वीडियो बनाता हूं, और देखता हूं कौन बहन का लौड़ा रोकता है।”

आगे क्या हुआ जानने के लिए बने रहिए अपने भाई राजू के साथ। कमेन्ट करके अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें।

धन्यवाद।

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