Kuch Bhi Ho Sakta Hai – Part 2

हैलो दोस्तों, अब तक आपने पढा की मानसी की देस्ती तमन्ना से हो जाती है, और बहुत जल्दी वो बहुत अच्छी दोस्त बन जाती है। लेकिन मानसी को एक बिमारी है, जिसके बारे मे कोई भी नही जानता था।

मानसी अगर एक बार सो जाये, तो वो इतनी गहरी नीद मे चली जाती है कि उसके साथ कुछ भी होता रहे। इसके बारे उसको पता नही चलता, आप सोच रहे होंगे कि उसकी इस बिमारी का पता किसी को क्यों नही चला। तो मै आपको बता दुं वो जमीदार घर की इकलोती लडकी थी, घर पर भी जब वो एक बार सो जाती थी।

तो कोई उसको जगाता नही था इसलिए किसी को कुछ पता नही लगा की कब ये उसकी बिमारी बन गई।

अब कहानी पर आते है, मानसी एक बहुत ही सुन्दर रुप रंग की मालकिन थी।

एक दिन मानसी और तमन्ना आफिस के बाहर खडी होकर बातें कर रहीं थी, तो जीत तमन्ना से पैसे लेने उसके पास आता है। लेकिन उसकी नजर जब मानसी पर पडी तो उसके रुप रंग को देख कर उसका दिवाना हो गया, और उसे खा जाने वाली नजर से देखने लगा।और वो तमन्ना के पास गया और तमन्ना ने मानसी से कहा ये मेरा छोटा भाई है।

और फिर वो अपने भाई के साथ घर आ गई, लेकिन जैसे ही तमन्ना जीत के साथ घर आई तो घर पर कोई नही था। मौका देख कर जीत तमन्ना पे टूट पडा, और तमन्ना की चुत मारते हुये कहने लगा यार तेरी सहेली बहुत खुबसूरत है। मुझे उसकी चुत दिला दे नही तो मैं तेरी भी नही मारुंगा।

तमन्ना जीत के लंड की दिबानी बन चुकी थी,

तमन्ना – तुम चिन्ता मत करो मैं कुछ करती हुं।और हर बात के लिये मुझे धमकी मत दिया कर।

और फिर खुशी के मारे जीत तमन्ना की चुत मे और जोर से धक्के लगाने लगा, और तमन्ना के चुचे दबाने लगा। और फिर जीत ने तमन्ना की टांगों को ऊपर उठा कर अपना लंड़ तमन्ना की गांड के छेद पर रख दिया।

आज वो कुछ ज्यादा ही जोश के साथ चुदाई कर रहा था। तमन्ना अचानक से चौंक गई जब उसे पता चला की जीत का लंड उसकी गाड़ मे घुस रहा है, वो सभल पाती उससे पहले ही जीत ने एक जोर का धक्का मारा और जीत का लंड़ तमन्ना की गाड़ को चीरता हुआ अंदर दाखिल हो गया।

जीत हल्के हल्के धक्के लगाने लगा, और थोडी ही देर बाद उसने अपने लंड का सारा रस तमन्ना की चुत मे छोड दिया।

अगले दिन जब तमन्ना मानसी से मिली तो थोडी परेशान थी। ये तो आप को पता है कि वो क्यों परेशान थी। लेकिन मानसी के पुछने पर उसने कारण अपने भाई की पढाई बताई कि उसको लगता है उसका भाई इस बार फिर फेल हो जायेगा।

मानसी ने कहा अगर ये परेशानी है , तो तुम चाहो तो मैं तुम्हारे भाई को पढा सकती हुं। अगर वो पढना चाहे तो, मगर मै 7 बजे शाम से ही पढा सकती हुं।

तमन्ना – ये तो ठीक है लेकिन तुम हमारे घर कैसे आओगी हमारा घर तो बहुत दुर हैं।

मानसी – मेरे घर पर कोई नही रहता तुम चाहो, तो मेरे घर अपने भाई के साथ आ सकती हो आखिर वो मेरा भी तो भाई है।

तमन्ना ने खुशी से मानसी को अपने गले से लगा लिया और वो बोली – तुमको नही पता तुमने मेरी कितनी बडी चिन्ता कम कर दी है।

और फिर शाम को तमन्ना अपने भाई को लेकर मानसी के घर पहुच गई, और मानसी जीत को पढाने लग गयी। जीत भी किसी सरीफ लडके कि तरहा पढाई करने लग गया। और ऱात को अपनी बहन के साथ वहीं सो जाता था, बहुत जल्दी मानसी ने उस पे भी भरोसा कर लिया और जीत को अपने भाई की तरह प्यार करने लग गयी।

एक दिन तमन्ना ने जीत से कहा की आज तुम अकेले ही जाना और उसने मानसी को फोन कर दिया की पापा की तबीयत खराब है मै नही आ रही हुं।

जब रात के 9 बजे तक भी जीत मानसी के घर नही पहुचा। तो वो नहा कर एक टु पीस नाइटी मे बिस्तर पर लेट गई। उसे कब नीद आई उसे पता नही चला और जीत जब मानसी के घर के लिये निकला था, तो उसके दोस्तो ने रस्ते मे उसे रोक कर बीयर पिला दी इसलिये वो पहुचने मे लेट हो गया।

जीत जब मानसी के घर पहुचा तो दरबाजा खुला था, वो रोज की तरहा अन्दर गया लेकिन जैसे ही वो मानसी को ढूंडता हुआ मानसी के कमरे मे पहुचा। तो अन्दर का नजारा देख कर उसके जैसे होश ही उड गये।

मानसी सामने एक टू पीस नाइटी मे बैड पर लेटी हुई थी, जिन चुचों को वो कपडों के अन्दर खा जाने कि नजरों से देखता था। आज वो नाइटी के गले से बाहर निकले हुये थे, और मानसी की दोनों टांगे अलग दिशाओं मे खुली हुई थी।

और मानसी की फुली हुई अनछुई चुत जीत को मुह खोल कर ललकार रही थी की दम है तो चोद मुझे। जीत को तो जैसे हजारों बोल्ट का झटका लग गया हो, उसकी समझ मे नही आया ये क्या है।

उसने मानसी को बहुत आवाज लगाई मगर मानसी नही उठी। जीत घबरा गया और वो मानसी के पास गया और उसकी नाक पे हाथ लगा कर देखा तो उसको तसल्ली हो गई मानसी की सांस चल रही थी।

जीत को लगा हो सकता है मानसी बेहोश हो गई है, उसने सोचा चलो अच्छा ही है और जीत ने अपना एक हाथ मानसी के चुचे पर रख दिया और मानसी के चुचे दबाने लग गया। मानसी ने कुछ नही किया जीत ने अपना मुह मानसी के चुचे पर रख दिया, और हिम्मत करके मानसी की चुत को सहलाने लग गया।

तभी मानसी ने अपना हाथ जीत के सर पर रख दिया जीत अचानक से बहुत घबरा गया। मगर जब मानसी ने और कोई प्रतिक्रिया नही दिखाई, तो जीत ने मानसी का हाथ अपने सर से हटा दिया।

और अपने कपडे उतार कर बैड पर आ गया और मानसी की नाइटी के सारे बटन उसने खोल दिये। और मानसी को सीधी लिटा कर मानसी के दोनों चुचे बारी बारी से चुसने लगा, और थोडी देर युं ही चुसता रहा फिर जीत ने मानसी की दोनों टांगे फैला दी।

और मानसी की नन्ही सी गुलाबी चुत को देखने लगा बहुत सुंदर चुत थी। उसकी जैसे किसी गुलाब की पंखुडी आपस मे मिली हों, जीत ने अपने होठ मानसी की कोमल चुत पर रख दिये आज तो जीत की किस्मत ही खुल गई थी।

जीत मानसी की चुत ऐसे चुस रहा था, कि मानो आज ही उसा सारा रस खत्म कर देगा। जीत का लंड फटने को हो रहा था, अब उससे सहन नही हो रहा था। और जीत ने अपने लंड पर बहुत सार थुक लगाया और अपने लंड को मानसी की चुत पर सेट करके हल्का हल्का धक्का लगाने लगा।

थोडी देर मे जीत के लंड का सुपाड मानसी की चुत मे घुस गया, लेकिन मानसी के मुह से उफ तक नही निकली। तो जीत की हिम्मत और बढ गई, और उसने एक जोर का धक्का लगाया और जीत का आधे से भी ज्यादा लंड मानसी की चुत मे घुस गया।

और मानसी की चुत से खुन बहने लगा मगर मानसी नही उठी बस हल्की सी कसमसाई जीतने हल्के हल्के धक्के लगाने शुरूकर दिये। और थोडी ही देर मे जीत का पूरा लंड मानसी की चुत मे समा गया जीत अब भी धीरे धीरे ही धक्के लगा रहा था।

क्योंकि उसे डर था कही मानसी उठ न जाये जीत लगभग 40 मिनट तक मानसी कि चुदाई करता रहा। मगर मानसी ने करवट भी नही ली, जीत चुदाई खत्म करके मानसी को ठक कर दरबाज बंद करके अपने घर आ गया।

और उसने तमन्ना को सारी घटना बता दी मगर तमन्ना को उसकी बात पर यकिन नही आ रहा था। सुबह के समय जब मानसी की ऑख खुली तो वो जैसे ही खडी हुई उसके पेट मे और उसकी टागों के बीच बहुत दर्द हो रहा था।

उससे चला भी नही जा रहा था, मानसी इतनी सीधी थी के उसे अहसास नही हुआ की उसकी चुदाई हुई है। मानसी ने फोन करके आफिस से छुटटी ले ली और तमन्ना को फोन करके अपनी बिमारी की बात कहने लगी।

तमन्ना डर गई और जीत के साथ मानसी के घर पहुची और उससे कहा कोई घबराने कि बात नही है तुम ओपन सो गई थी ना रात मे कोई कीडा कट गया है सुजन आ गई है मैं सेक लगा देती हुं आराम मिल जायेगा।

तमन्ना मानसी की चुत पर सेक लगाने लग गयी, मानसी की चुत का हाल देख कर तमन्ना ने मानसी से पुछा कल रात को क्या तुमने कोई नशा कर रखा था। मानसी ने कहा तुम ऐसा क्यों पुछ रही हो।

तमन्ना हसते हुये बोली इतना बडा कीडा काट गया, और तुझे पता भी नही चला मानसी को क्या पता था तमन्ना किस कीडे की बात कर रही है।

दोस्तों अभी कहानी मे बुहत सारा मजा और सेक्स बाकि है, इसलिए मेरे साथ जुड़े रहिये।

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