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पड़ोसी लड़कों की हवस का शिकार हुई छोटी बहन-6 (Padosi ladkon ki hawas ka shikar hui chhoti behan-6)

पिछला भाग पढ़े:- पड़ोसी लड़कों की हवस का शिकार हुई छोटी बहन-5

आशा है कि आपने पिछली सेक्स कहानी पढ़ लिया होगा कि कैसे अमर और समर दोनों पड़ोसी भाई मिल कर सपना (उस लड़की को जिसे उन्होने बस जवान होते हुए देखा था। जिसे बारिश के दिनों में छत पर नहाते हुए देखा था। जिसके बारिश में नहाते वक्त भीगे कपड़ों मे गदराई जवानी, बड़ी-बड़ी पपीते जैसी चूचियों, बड़ी-बड़ी गांड, 34-30-34 का फिगर देखा था। कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि इसकी भी चूत चोदने को मिलेगी।) की जोरदार चुदाई करते हैं, सपना की गदराई जवानी के मजे लेते हैं, और उसको बेरहमी से अपनी हवस का शिकार बनाते हैं।

पर चुदाई करते-करते कुछ वक्त बीत चुका था, तो दोनों भाईयों की स्पीड अब कम होने लगी थी। तो वो दोनों ने मुझे (राजू ) और विनय को बुलाते हैं कि तुम दोनों भी हमारा साथ दो। फिर जब हम दोनों जाते हैं तो मैं देखता हूं कि अमर का लंड सपना की गांड में गोते खा रहा था और समर का लंड सपना की चूत खोद रहा था।

पर उससे ज्यादा आश्चर्य तो तब हुआ जब हम दोनों ने देखा कि सपना की चूत और गांड के आस-पास ढेर सारा वीर्य गिरा हुआ था और चूत और गांड के अगल-बगल चिपचिपा वीर्य लगा हुआ था, जो समर और अमर के लंड से निकला था। उन दोनों के लंड भी उस वीर्य से सने हुए थे, पर फिर भी वो दोनों बिना रूके ताबड़तोड़ लंड अन्दर-बाहर कर रहे थे।

ये सब देख मुझे विनय ने इशारे में बोला कि, “आज तो सपना पेट से हो गयी होगी।” मैं कुछ विनय को बोलता, तब तक अमर ने बोला, “क्या देख रहे हो तुम दोनों? अच्छा ये हमारे गन्ने के रस को देख कर तुम घबरा रहे हो? अरे घबराओ मत भाई, जो तुम दोनों का डर है वो सच है, अब राजू की बहन हम दोनों भाईयों के बच्चे की मां जल्द ही बनेगी।”

इतना कहते हुए अमर और समर दोनों हंसने लगे और फिर बोले, “टेंशन मत लो भाई। अब सपना हम दोनों की जिम्मेदारी है। तुम दोनों जयपुर चले जाओगे तो भी हम दोनों इसका ख्याल रखेंगे। चलो देर मत करो, तुम दोनों भी आ जाओ। चूची देखो कैसे शरमा रही है। उसकी शरम खत्म करो।”

और इतना सुनते ही विनय से रहा नहीं गया क्योंकि सपना की चूचियां आज और भी मुलायम और रसीली लग रही थी। वो सपना की चूचियों पर टूट पड़ा और जल्दी से अपने मुंह में भर लिया, और सुर्र सुर्र करते हुए पीने लगा। सपना कच्ची मछली की तरह छटपटा रही थी, पर उसकी जवानी मचल रही थी। फिर मुझसे भी देखा नहीं रह गया और मैं भी दूसरी चूची को मुंह में भर लिया। अब हम चारों सपना पर टूट पड़े।

कुछ ही देर में सपना की गैंगबैंग चुदाई शुरू होने ही वाली थी, क्यूंकि मैं, विनय अमर और समर, चारों लोग अब मैदान में उतर चुके थे। तभी अमर ने पूंछा कि, “अगर बोलो तो आज सपना की सुहागरात 4 पतियों के बजाय 6 पतियों से हो जाए?”

मैं और सपना कुछ बोलते उससे पहले समर बोला कि, “और 2 कौन हैं?” तो अमर बोला कि, “अगर सपना बोले तो बुला दूं?” पर सपना ये सब सुन कर अनसुना कर दी, तो अमर कुछ नहीं बोला और उसने सोच लिया कि इससे हां कहलवा कर ही मानेगा।

फिर अमर सपना को चोदते हुए बोला, “बाबू अगर कहो तो आज तुम्हारी रात और रंगीन कर दूं? बाबूं तुम बहुत अच्छी हो, तुम्हारी चूत कितनी रसीली है। तुम्हारे होठों में जादू है। तुम्हारी चूचियां तो काट खाने को मन कर रहा है। कितनी मुलायम हैं तुम्हारी चूची बाबू। अगर एक बार हां कर दो तो आज तुम्हे जन्नत का मजा मिल जाएगा।”

इतना कहते हुए अमर सपना के जिस्म को सहलाने लगा और पीछे से गांड में धक्के मारने लगा। कुछ देर में हम तीनों अमर की बातें सुन कर जोश में आ गए और हम भी बोल दिए, “हां बोल दो ना रानी, हम सब मिल कर मजे करेंगे। प्लीज मेरी बाबू, हां कर दो।” पर वो हां नहीं कर रही थी, तो अमर ने मुझे इशारा किया कि अब तुम और विनय मिल कर इसकी चूत और गांड मारो।

फिर हम दोनों अमर और समर की जगह लिए और सटासट लंड पेलना शुरू किए। सपना भी उह आह उह आह उह आह की आवाज निकालती रही। सपना की चूत से फच्च फच्च की आवाज आती रही। सपना की गांड से फट्ट फट्ट फट्ट फट्ट की आवाज आती रही। उसी बीच वो दोनों भाई कुछ देर के लिए बाहर गए और किसी को फोन लगाए।

मैं और विनय समझ गए कि वो उन दोनों को ही फोन करके बुला रहा थे। क्यूंकि सपना ने हां नहीं बोला था। फिर वो दोनों रूम में आकर हम दोनों के साथ सपना की जवानी लूटने लगे।

करीब 20 मिनट बाद दो लड़के रूम के बाहर आकर खड़े हो गए। हमने उन्हे देखा तो अमर ने बताया कि ये विकास और रमेश हैं। सपना देखी तो वो समझ गयी कि आज की रात खूब चुदाई होगी। आपको बता दूं कि विकास और रमेश दोनों की उम्र 30 साल के लगभग थी, दोनों की कद-काठी 6 फिट के आस-पास थी। दोनों बहुत ही फुर्तीले, हृश्ठ-पुश्ठ शरीर वाले काले मोटे सांड की तरह थे।

दोनों सपना को देख जैसे पागल हो गए। वो दोनों सपना के भारी भरकम शरीर को देख उतावले हो गए, सपना की गांड देख दोनों एक साथ बोले, “यार अमर तूने ये बहुत ही रापचिक माल पटाई है। साली के मोटे-मोटे गांड, हाययययययय मन कर रहा पूरा काट खाऊं। उफ्फ साली बहुत ही तगड़ी माल है बहनचोद। उफ्फफफ क्या जवान लौंडिया है साली। उम्मममम आज तो मेरा लंड धन्य हो जाएगा अमर। भाई मैं तो ऐसी ही चिकनी चूत वाली लौंडिया चोदना चाहता था। आज मेरी मन की मुराद पूरी होगी, उफ्फ क्या चूत है साली की।”

तभी विकास बोला, “ओहहहहहह भाई साहब… क्या खरबूजे हैं साली के, चूचे खरबूजे से भी बड़े वाहहहह, ओहो वाहहहहह भाईईईईई साहब क्या माल लौंडिया है। आज तो मजा बांध दिए भाई। आज इसकी चूत को भोसड़ा बना दूंगा। बहन की लौड़ी कितने लंड ले चुकी है साली। चूचे तो जैसे 2-2 किलो के खरबूजे और गांड तो साली के ओहहहहहो पूछो मत। भाई अमर, अब चख लेने दो भाई। मेरे मुंह से लार टपकने लगा है। भाई कहीं लंड से भी ना टपक जाए।”

इतना कहते हुए विकास ने झट से अपने कपड़े निकाले और हम सब को हटाते हुए बोला कि, “भाई प्लीज अब कोई बीच में मत आना। मुझे आज इस जवान लौंडिया की जवानी को लूटने दो। मैं बहुत भूखा हूं और इसकी गदराई जवानी देख मेरी भूख और भी बढ़ गई है। कुछ भी कहो भाई माल तगड़ी फंसाए हो यार। इसकी तो जवानी लूटने में मजा आ जाएगा। आज इसके साथ विस्तर गर्म करूंगा। इसके साथ रंगरलियां मनाऊंगा, तो भाई बीच में कोई मत आना। मुझे अकेले मजा लेने दो।”

तो सब बोले ठीक है भाई। विकास को बिना कपड़ो के देख सपना कि आंखे फटी की फटी रह गई, क्यूंकि उसका शरीर भारी भरकम था। जिम वाला लौंडा, उसके डोले तगड़े थे, और जब सपना की नज़र उसके अंडरवियर में छुपे काले मूसल मोटे तगड़े लंड पर पड़ी, तो वो देखती रह गयी। वो यही सोच रही थी कि जब अंडरवियर के अन्दर इतना तगड़ा दिख रहा, तो बाहर कैसा होगा। ये सब सपना सोच ही रही थी कि तभी विकास सपना के पैरों को पकड़ कर फैलाया और दोनों पैरों के बीच आ गया। फिर एक कपड़े से चूत को साफ किया और सपना की चूत की ओर झुक गया।

विकास ने जैसे ही अपनी जीभ सपना की चूत पर लगाया, तो सपना को जैसे गुदगुदी लगी हो और वो हिलने लगी। पर तब तक विकास ने अपनी जीभ सपना की चूत पर टिका दिया, और चटर चटर चटर चटर चाटने लगा। ‌कुछ ही सेकेण्ड में चूत चाटने की वजह से सुर्र..सुर्र… की आवाज आने लगी। सपना पागल सी होने लगी थी। कुछ देर पहले ऐसा लग ही नहीं रहा था कि सपना अब चुदने की हालत में थी। क्यूंकि अमर और समर ने सपना की जम कर चुदाई कर दिया था, और चूत में अपना पूरा माल भर दिया था, और चूत से सारा वीर्य रिस-रिस कर बह रहा था। सपना थक चुकी थी पूरी तरह से।

पर विकास एक-दम चुदक्कड़ आदमी था। उसे पता था कि लड़की को कैसे तैयार किया जाता है चुदने के लिए। इसलिए उसने अपनी जीभ पूरी तरह से चूत में घुसा घुसा कर अच्छे से चारो तरफ चाट रहा था, ताकि सपना की चूत में आग लगा सके। कुछ ही मिनटों में वो सफल रहा और सपना मचलने लगी। वो करवटें लेने को होने लगी। चादर को अपने हाथों से पकड़ कर खींचने लगी।

चादर की सिलवटें तो पहले से अमर और समर की जबरदस्त चुदाई से ही खराब हो चुकी थी, पर अब तो लग रहा था कि चादर ही फटने वाली है अब तो। पर कुछ देर चूत चाटने के बाद विकास उठ कर खड़ा हुआ और सपना को इशारे में अंडरवियर निकालने को बोला।

सपना ने जैसे ही अंडरवियर नीचे किया, उसके सामने 8 इंच लंबा मोटा लंड खड़ा होकर सलामी देने लगा। जैसे वो लंड बोलना चाह रहा था कि ये जो तुम्हारी भीगी चूत है आज इसमें मैं खेती करूंगा और अपने बीज बोऊंगा। फिर विकास ने सपना को लंड चूसने को कहा तो वो आश्चर्य से इतना बड़बड़ाई, “मैं नहीं ले पाऊंगी इतना बड़ा” और मना करने लगी।

पर विकास ने बोला कि, “ले लोगी यार, चिन्ता मत करो, आराम-आराम से करूंगा। तुम कितनी प्यारी हो, देखो ना मेरा लंड तुम्हे प्यार रकने के लिए कितना बेताब है, देखो ना। ऐसा कह कर मनाने लगा।

क्या विकास सपना को चुदने के लिए मना पाएगा? जानने के लिए बने रहिए अपने राजू भाई के साथ। कमेन्ट करके अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। धन्यवाद

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