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घर का प्यार (Ghar ka pyar)

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम निशांत है। पर प्यार से लोग मुझे निशु कह कर बुलाते है। मैं दिल्ली से रहने वाला हूं, और मेरी उम्र 23 साल है। मैं हैंडसम हूं, और हल्का सावला हूं। मेरा कद 5’8″ है, और लंड का साइज 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है। घर में मम्मी-पापा, मेरी छोटी बहन, और मैं रहता हूं। ये कहानी मेरी और मेरी मम्मी और बहन की है।

मेरी मम्मी और बहन के बारे में बता दूं। मेरी बहन का नाम प्रिया है, और वो मुझसे 3 साल छोटी है। वो एक दम गोरी जैसे दूध की कुल्फी की तरह है, और उसका साइज 32-28-34 है। मेरी मम्मी का नाम वंदना है। मेरी मम्मी के बारे में तो पूछो ही मत। एक दम गोरी, और साढ़े 5 फिट की, और उनका साइज़ 34-30-36 है। जब वो चलती है, तो क्या कयामत ढा जाती है।

तो चलो दोस्तों कहानी पे आते हैं। बात आज से 1 साल पहले की है, जब मैं कॉलेज के थर्ड ईयर में था। मेरी कॉलेज की छुट्टियां चल रही थी, और मेरी बहन की भी। तो हम दोनों घर पे रहा करते थे।  हमारे पापा अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहते है, तो वे अब भी बाहर ही थे। घर पर सिर्फ हम 3 ही रह जाते है।

एक दिन मम्मी को 2 दिन के लिए नानी के घर जाना पड़ा, क्यूंकी नाना जी की तबीयत खराब हो रखी थी। इसलिए मुझे ओर मेरी बहन दोनों को घर का ध्यान रखना और एक-दूसरे का ध्यान रखना बोल कर चली गई। जब भी मम्मी पापा घर पर नहीं होते, तो हम दोनों उनके रूम मे सोते है। मुझे लगता था कि मेरी बहन मासूम थी, पर ये बात मुझे बाद में पता चली कि वो कितनी चालक थी।

तो मम्मी शाम को चली गई थी। फिर रात हुई, और हमने खाना खाया। फिर थोड़ी देर टीवी देखने के बाद हम दोनों मम्मी के कमरे में सोने जाने लगे। थोड़ी देर तक लेटे रहने बाद मेरी बहन ने कहा कि-

प्रिया: भईया चलो कुछ खेलते है, वैसे ही हम दोनों को नींद तो आ नहीं रही है। तो चलो खेलते है।

मैं: ठीक है। बताओ क्या खेलें?

प्रिया: चलो मम्मी पापा खेलते है।

मैं: लेकिन वो तो छोटे में खेलते थे, अब क्यों।

प्रिया: तो क्या हुआ? चलो ना खेलते है।

मैं: ठीक है, तो बताओ क्या करना है?

प्रिया: तुम पापा जैसे कपड़े पहन लो, और मैं मम्मी जैसे।

मैंने पापा जैसे सिंपल पैंट शर्ट पहन ली, और वापिस आया तो देखा कि मेरी बहन ने मम्मी की साड़ी पहन ली थी। मैं ये दरवाजे से देख रहा था। उसने अभी ऊपर कुछ नहीं पहना था, तो उसको देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया था। उसने मुझे शीशे में से देख लिया था। अब वो ब्रा पहनने की कोशिश कर रही थी, पर उससे हुक नहीं लग रहे थे, तो उसने आवाज दी-

प्रिया: अजी जरा सुनिए, जरा मदद कर दीजिए ना।

मैंने अंदर गया और उससे बिल्कुल चिपक कर खड़ा हो गया, और मेरा लंड उसकी गांड में चुभ गया। उसके मुंह से हल्की सी सिसकारी निकली।

वो बोली-

प्रिया: क्या कर रहे हो आप?

मैं: मदद कर रहा हूं। और अब मम्मी पापा बने है तो मम्मी पापा वाला प्यार भी तो करना होगा।

प्रिया: नाटक करते हुए मुझे तैयार होने में मदद करो।

मैं डर गया और थोड़ा पीछे हो गया, और उसके हुक लगा दिए। फिर उसने मेकप किया और चूड़ियां पहन ली, और लिपिस्टिक लगा ली। बिल्कुल एक दम नई दुल्हन की तरह लग रही थी। फिर वो तैयार होकर रूम से बाहर गई। उसके बाद थोड़ी देर में दो गिलास दूध लेकर आई। मैं सोच रहा कि आज मेरी बहन के दिमाग में चल क्या रहा था।

फिर वो बिस्तर पर आके बैठ गई, और एक गिलास मुझे पीने को दिया और एक खुद को। मुझे दूध का थोड़ा अलग स्वाद लगा तो मैंने अपनी बहन से पूछ लिया-

मैं: ये दूध का स्वाद कुछ अलग सा है।

उसने झेंपते हुए कहा-

प्रिया: मैंने अपने पति के लिए प्यार से बनाया है, इसलिए अलग है।

मैं: तो आज हम क्या-क्या करेंगे?

प्रिया: वहीं जो मम्मी पापा करते है

मैं: मम्मी पापा तो एक दूसरे से प्यार करते है।

प्रिया: तो हम भी करेंगे (उसने हल्की सी स्माइल के साथ कहा)।

फिर उसने कहा: आज से हम पति पत्नी की तरह नए जीवन की शुरुआत करेंगे।

फिर मैंने पूछा-

मैं: जैसे शादी के बाद से करते है।

प्रिया: हां। और अब जाओ 2 मिनट बाद आना।

फिर मैं निकल गया और फिर आया। मैं जैसे ही आया तो मैंने देखा कि मेरी बहन बिल्कुल बेड के बीच में दुल्हन की तरह घूंघट डाल के बैठी थी। फिर मैं उसके पास गया, उसका घूंघट उठाया, और फिर मैंने उसकी ठोड़ी से उसका फेस ऊपर किया। मैंने उससे पूछा कि-

मैं: हम सच मे पति पत्नी नहीं बन सकते क्या?

प्रिया: मैं तो कब से यही बताने की कोशिश कर रही हूं। पर आप हो बुद्धू, समझते ही नहीं।

फिर मैं उसको किस करने ही वाला था, कि उसने रोका और कहा कि-

प्रिया: मेरी मांग खाली है। उसे तो भर दीजिए मेरी राजा जी।

मैंने सिंदूर की डब्बी उठाई, और उसकी मांग मे भर दिया। फिर क्या था। मैंने तुरन्त उसको किस कर दिया, और वो भी मेरा साथ दे रही थी। लगभग ऐसे ही हमने 5 मिनट तक किस किया। फिर मैंने एक-एक करके उसके सारे जेवर उतारे। फिर उसकी साड़ी उतारी, और फिर ब्लाउज। फिर उसने मेरे कपड़े उतार दिए, और मैं सिर्फ कच्छे में रह गया था।

अब मैंने उसकी ब्रा उतार दी, और उसके दूध चूसने शुरू कर दिए। वो सिसकारी ले रही थी आह आह करके।

प्रिया: पी जाओ मेरा दूध मेरे सैंया जी। निचोड़ डालो इन दोनों को।

फिर मैं उसके दूध पीते-पीते नीचे की ओर सरक गया, और उसकी पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को किस किया, और फिर उसको चाटा। वो सिसकारियां लेती जा रही थी। फिर मैंने उसकी पैंटी निकाल दी।उसकी चूत बिल्कुल क्लीन और गुलाबी थी। मैंने उससे कहा-

मैं: चलो अब 69 में आ जाओ, और हम एक-दूसरे को चूसें।

प्रिया: पहले मुझे मेरे छोटे सैया तो दिखाओ।

मैं: खुद ही देख लो।

उसने मेरा कच्छा जैसे ही नीचे किया। तुरन्त मेरे लंड ने सलामी दे दी। पूरा का पूरा 8 इंच खड़ा था।

मैं: अपने छोटे सैया को प्यार नहीं करोगी क्या?

तो उसने पहले मेरे लंड को किस किया, फिर उसको चाटने लगी, फिर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। मैं तो मानो स्वर्ग में पहुंच गया था। फिर हम 69 में आ गए। मैं नीचे लेट कर उसकी चूत को चूस रहा था, और वो मेरे ऊपर मेरे लंड को चूस रही थी।

इस सब के चलते हमें कोई देख रहा था। मैंने देखा खिड़की की ओर देखा, कि मम्मी खड़ी थी, और हमे देख रही थी। मेरी तो फट के हाथ में आ गई थी। मैंने इशारे से अपनी बहन को खिड़की की ओर देखने को कहा। उसने देखा और कहा कि-

प्रिया: अब क्या करे? मम्मी आ गई।

मैंने उससे कहा: अभी तक तो मम्मी ने कुछ कहा नहीं है। लगता है मम्मी भी गरम हो गई है। तो जैसा चल रहा है वैसा चलने दो।

प्रिया: ठीक है।

मैं: अगर जैसा मैं सोच रहा हूं वैसा हुआ, तो पक्का कल हम मम्मी के साथ मिल कर सेक्स करेंगे।

प्रिया: सच में।

मैं: हां।

ऐसे ही एक-दूसरे को चूसते-चूसते हम दोनों झड़ गए। पहले वो झड़ी तो मैंने उसका पानी पी लिया। फिर मैं झड़ा तो उसने मेरा पानी पी लिया।

प्रिया: मेरे पति देव, आपने तो आज मुझको तृप्त कर दिया।

मैं: अभी तो शुरुवात है। आगे-आगे देखो क्या-क्या होता है।

फिर उसने मेरे लंड को छेड़ना शुरू कर दिया, और फिर चूसने लगी। धीरे-धीरे मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। फिर मैंने उससे कहा कि-

मैं: चल मेरी रानी, आज तुझे कली से फूल बनाता हूं।

मैंने उसकी चूत चाटी। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पे रगड़ा, और तो वो मचलने लगी। मैंने उसपे तरस खा कर मैंने उससे कहा-

मैं: जानू थोड़ा दर्द होगा, सहन कर लेना। फिर बाद में तुमको भी मजा आएगा।

प्रिया: जानू तुम मेरी चिंता मत करो। बस पहले आराम से करना, और फिर जब मैं कहूं, तब तेज धक्के लगाना।

ये सब चीजें मम्मी देख रही थी। मैंने देखा कि मम्मी अपने चूचे दबा रही थी। मैंने सोचा कल करे सो आज कर आज करे सो अब। मैं प्रिया को किस करने के बहाने उसके पास गया, और उसको किस करते हुए उससे बोला-

मैं: जानू मम्मी तो गरम हो चुकी है, क्यूं ना आज ही मम्मी को भी साथ में कर ले?

प्रिया: लेकिन कैसे करेंगे?

मैं: बस तुम मेरा साथ देना।

प्रिया: ठीक है।

मैंने अपना लंड उसकी चूत में धीरे से डाला, तो सिर्फ टोपा ही अंदर गया था कि उसकी चीख निकल गई।

प्रिया: आ आआ…

मैंने किस किया तांकि उसको राहत मिले, और किस करते-करते मैंने एक और धक्का मारा तो मेरा तो मेरा आधा लंड ही अंदर गया कि उसकी फिर से चीख निकल पड़ी।

प्रिया: आई मम्मी…

मैं: जानू तुम्हें पता है कि मैंने मम्मी को कई बार अपनी चूत में उंगली करते हुए देखा है। मुझे तो उन पर बहुत तरस आता है। मेरा तो मन करता है मम्मी की आग शांत कर दूं। और तुम्हें पता है एक बार तो मैंने मैंने पापा और मम्मी की चुदाई देखी, तो देखा कि पापा का सिर्फ 5 इंच का है, और वो मम्मी को अच्छे से चोद ही नहीं पाते। जल्दी झड़ जाते है। और मम्मी पापा को बोल रही थी कि मुझे फिर से अपने बच्चे की मा बना दो।

इतने में मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया, तो उसकी आंखो से आंसू आने लगे। मैं थोड़ी देर रुक गया। जब वो शांत हो गई, मैंने फिर‌से धक्के लगाने शुरू कर दिए।

मैं: काश मम्मी यहां होती, तो मैं उनको पूरा सुख देता। और उनको चोद कर अपने बच्चे की मां बना देता।

ऐसे फिर मैंने अपना आखिरी पत्ता फेंका, और मैंने सोचा जो होगा सो देखा जायेगा। मैं बाहर जाने लगा और मम्मी कज हाथ को पकड़ कर उन्हें अंदर ले आया।

फिर हमने क्या किया, ये अगले पार्ट में बताऊंगा। और हां, अपनी राय ओर कमेंट करना ना भूलना।

और मुझे इमेल में अपनी राय भी दे सकते है।

nishusharma9812@gmail.com

ओके बाय दोस्तों।

अगला भाग पढ़े:- घर का प्यार-2

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